इंदिरा, जेपी, 'गरीबी हटाओ' और दिनकर की कविता-'सिंहासन खाली करो कि जनता आती है'
इमरजेंसी के 21 महीनों को भारतीय लोकतंत्र का का सबसे स्याह दौर कहा जाता है. उस विवादित दौर में चुनाव पर पाबंदी लगा दी गई. नागरिक मूल अधिकार निलंबित कर दिए गए. अब सवाल उठता है कि लोकतांत्रिक देश में इस तरह के अलोकतांत्रिक कदम को क्यों थोपा गया?
from Zee News Hindi: India News
from Zee News Hindi: India News
Comments
Post a Comment