लंबे चुनाव से उपजी बोरियत बड़े काम की है, इसे कुछ नया करने में झोंक दीजिए
सरकारी अफसर, ऊंचे दफ्तरों में बैठे प्रोफेशनल्स से लेकर धूप में रिक्शा चलाते आदमी और गांव में नीम के नीचे ताश की फड़ पर जमे लोग तक राजनीति का इतना चिंतन करते हैं कि लगता है कि देश में बड़े पैमाने पर मानसिक बेरोजगारी का आलम है.
from Zee News Hindi: India News
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