दशकों मौत के साए में जीने वाले लेखक सलमान रुश्दी ने कहा, 'मैं छिपकर नहीं रहना चाहता'

उन्होंने अफसोस जताया, ''हम ऐसी दुनिया में रहते हैं, जहां चीजें तेजी से बदलती हैं. यह बात पुरानी हो गई है. अब भयभीत करने वाली कई अन्य चीजें है

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